चारधाम यात्रा क्यों और कैसे करें? व यात्रा का किराया एवं महत्वपूर्ण बातें।

क्या है चारधाम यात्रा तथा किन बातों का रखें विशेष ध्यान?

उत्तराखंड के चारधाम
उत्तराखंड के चारधाम

तीर्थ स्थलों का एक अपना अलग आकर्षण है परन्तु इन स्थलों के दर्शन हेतु बहुत सी कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है। भारत मे अनेक मंदिर तथा स्थान है, जहाँ प्रति वर्ष अनेको श्रद्धालु देवी देवताओ से दर्शन प्राप्ति के लिए आते है। उनमे से सबसे कठिन तीर्थो में उत्तराखंड राज्य में स्तिथ चारधाम यात्रा है जो अपने आकर्षण, पवित्रता, तथा इतिहास के लिए प्रसिद्द तो है ही परन्तु वहां तक पहुंचने के पथ की कठिनाईओ के लिए भी प्रसिद्द है। इन चारधामों के अंतर्गत यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम आते है। यह चारो धाम अपने-अपने इतिहास एवं कई काल्पनिक एवं मानवीय अवधारणा से जुडी हुए है। यमनोत्री व गंगोत्री धाम क्रमशः यमुना तथा गंगा नदियों का उद्गम स्थल है व यमुनोत्री मे यमुना मंदिर , गंगोत्री मे गंगा मंदिर स्तिथ है। वही केदारनाथ मंदिर परमपिता भगवन शिव जी को समर्पित है तथा बद्रीनाथ मंदिर पालनकर्ता विष्णु जी को समर्पित है । यह सभी धाम ऊँची-ऊँची हिमालय की चोटियों पर स्तिथ है जिस कारण तीर्थ यात्रा के दौरान अनेक दुर्गम स्थलों को पार करते हुए जाना होता है। ऐसा माना जाता है यदि जीवन मे मनुष्य एक बार भी इन धामों के दर्शन सच्चे भाव से करे तो उसे मोक्ष की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है।

चारधाम (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम) यह चारों तीर्थ स्थल उत्तराखंड में स्तिथ है । यह चारों धामो की यात्रा हिन्दू धर्म में पवित्र यात्रा मानी जाती है। इन चारो धामों के दर्शन करना मोक्षदायी बताया गया है । इन चारो धामों की पावन यात्रा करके मनुष्य जीवन एवं मृत्यु के जंजाल से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति करता है और चल रहे जीवन को सुख तथा शांति से व्यतीत करता है। यात्रा का पहला दिन हरिद्वार में होता है और उस दिन सभी यात्री हर की पौड़ी में जा कर गंगा आरती देखने जाते है।

उत्तराखंड के चारधाम

छोटा चार धाम यात्रा : यमुनोत्री (यमुना जी का उद्गम स्थल), गंगोत्री (गंगा नदी का उद्गम स्थल), केदारनाथ (शिव ज्योतिर्लिंग), बद्रीनाथ जी ( सतयुग का पवित्र धाम), उत्तर भारत में होने के कारण यहाँ के वासियो में इस यात्रा का बहुत महत्व है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ जी की यात्रा को छोटा चारधाम यात्रा के रूप में जाना जाता था। इसे हिमालय की चारधाम भी कहते है।

चार धाम यात्रा बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन कैसे करें

चारधाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आपको बस एक एप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा उत्तराखंड टूरिज्म क्लिक हेयर – Uttarakhand Tourism App

इसके मेनू में जाकर आपको चारधाम यात्रा का ऑप्शन दिख जाएगा उस में जाकर क्लिक करें और अपने रजिस्ट्रेशन के प्रोसेस को पूरा करें । और आप अपने इन प्रोफाइल में अन्य सेहयात्रियों का भी रजिस्ट्रेशन कर सकते है। याद रखे की डिटेल्स सब्मिट करते समय आप के पास यात्रियों के आधार कार्ड हो और यमुनोत्री, गंगोत्री , केदारनाथ, व बद्रीनाथ में दर्शन की तिथि पता हो। इस तरह आपका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।

चारधाम यात्रा का किराया और टूर पैकेज

अगर आप उत्तराखंड के चारधामो की यात्रा करना चाहते है तो कई कम्पनियाँ यह सर्विस प्रदान करवाती है। हरिद्वार से आपको बजट + डीलक्स + लक्ज़री पैकेजेस आसानी से मिल जायेँगे।

  • बजट पैकेज – 14,000/- प्रति व्यक्ति ग्रुप के साथ
  • डीलक्स पैकेजेस – 16,500/- प्रति व्यक्ति ग्रुप के साथ
  • लक्ज़री पैकेजेस – 25,500/- प्रति व्यक्ति ग्रुप के साथ

पैकेजेस में क्या शामिल है ?

बजट पैकेज :- रेलवे स्टेशन व् एयरपोर्ट + पिक उप ड्रॉप + टोल पार्किंग + साइट सीइंगस + होटल ३ स्टार्स + १० डेज ट्रांसपोर्टेशन (पुश बैक्स)

डीलक्स पैकेज :- रेलवे से पिकउप + डबल शेयरिंग रूम + ब्रेकफास्ट+ डिनर+ टोल + पार्किंग+ साइट सीइंगस + टेम्पो ट्रैवलर + १ वाटर बोतल

यात्रा से पूर्व कुछ महत्वपूर्ण तैयारियां :-

यात्रा हरिद्वार से शुरू होती है तथा सबसे पहले यमुनोत्री फिर गंगोत्री फिर केदारनाथ अंततः बद्रीधाम होते हुए श्रीनगर पर समाप्त होती है। यात्रा के दौरान कई चीजों का ध्यानरखना अति आवश्यक जो निम्नलिखित है :-

यह सब सम्भव है बस कुछ सावधानियों के साथ यदि आप अपनी यात्रा सुगम बनाने के लिए चाह रहे हैं तो इन बातों का ध्यान दे:-

अपने साथ गरम कपड़े जरूर रखे जो आपको उत्तराखंड के बर्फीली चोटियों में ठंड से बचाने में एक मदद देगी ।

अपने पास अन्यथा कपड़े ना रखे केवल जरूरी तथा गरम कपड़े लाने का प्रयास करे जो कम वजन वाले हो ।

केदारनाथ यात्रा के दौरान आपको पैदल यात्रा करनी पड़ेगी तथा रास्ते में कई ग्लेसियर का सामना करना पड़ेगा यह यात्रा 18 km पैदल पथ वाली होगी व रास्ते में बारिश का सामना करना पड़ सकता है अतः रेन कोट जरूर रखे । रास्ते के लिए आप कम वजन वाले जुते पहने जो आपको एक आरामदायक यात्रा करने में सहायक होंगे ।

यात्रा के दौरान आप अपने साथ दो जोड़ी मौजे, दस ताने, रुमाल, टोपी जैसी सारी आवश्यक चीजें रख लें ।

ड्राई फ्रूट, बिस्किट, चॉकलेट, नमकीन जैसी छोटी छोटी खाद्य पदार्थों को अपने साथ लाए यह पथ के लिए अन्यथा भूख हेतु मददगार होगा ।

यदि आपको किसी प्रकार का स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो तो आप अपनी रूटीन की दवाइयों को अपने साथ अवश्य लाए ।

अन्य दवाइयां जैसे inflammatory मेडिसन, paracetamol, कफ सिरप, ज़ुकाम की दवा, तथा कुछ अन्यत्र समय में काम आने वाली छोटी छोटी जरूरतों का पूर्णतः ध्यान दें ।

अपने साथ अपना मेडिकल सर्टिफिकेट जरूर लाएं तथा हेल्थ चेक उप करा कर डॉक्टर के सलाह द्वारा आए जिससे आपको तीर्थ का आनंद लेने में कोई भी दिक्कत का सामना न करना पड़े ।

एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड ला कर ही निश्चिंत ना हो ब्लकि अपने साथ कुछ कैश भी अवश्य रखे ताकि हर पडाव में पहुचने पश्चात अपको एटीएम ही नहीं ढूंढना पड़े ।

यदि आप यात्रा हरिद्वार तक स्वयं करते हैं तो वहां पहले से ही अपने लिये होटल बुक करा ले जिससे आपको दिक्कत ना हो।

यात्रा से सम्बंधित अन्य संदेहो एवं जानकारियों व सुझाव हेतु नीचे दिए कमेंट बॉक्स में आप अपने प्रश्न पूछ सकते है। या अधिक जानकारी हेतु संपर्क कर सकते है –

अभी दायिल करें : 7505492080, 9411777649

व्हाटस एप no : 8954453844

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *